Wednesday, July 28, 2010

दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 (2)

अतिथि देवो भवः

ये तो सभी को पता होगा ही....(अतिथि देवो भवः)...पर अब हमे पूरी दुनिया को इसका मतलब भी बताना है.........और दिखाना है की हम भारतीय अपनी संस्कृति का कितना अनुसरण करते हैं.

हरीश जी आप को मैं तहे दिल से शुक्रिया करता ही की आपने अपने इस ब्लॉग के जरिये हम सभी को सही दिशा दिखाई है और मैं आशा करता हूँ की सभी ब्लॉगर सदस्य भी आपके इस ब्लॉग को पड़ने के बाद कोशिश करेंगे की दिल्ली सरकार की सहायता करे !

दिल्ली वासियों से अनुरोध है कि सरकार के कार्य में बाधा उत्पन्न न करे और अन्य मामलों को छोड़कर इस महत्वपूर्ण कार्य को संपन्न करें, हमें प्रतिदिन के समाचारों से ज्ञात हो रहा है की हमारे पास वक्त की कमी है और काम अभी अधुरा है, लेकिन हमें हिम्मत नहीं हरनी है क्योंकि पिक्चर अबी बाकि है मेरे दोस्त. 

सरकार, एजेंसियों और कर्मचारियों से निवेदन है कि भारतीय साख को बनाये रखने के लिए उचित और निपुण कार्य करें.
जय भारत!!  
 



13 comments:

Shah Nawaz said...

बिलकुल सही लिखा है पवन भाई. अच्छी कोशिश..... बहुत-बहुत शुभकामनाएँ.

हरीश कुमार तेवतिया said...

पवन जी आप भी एक अच्छे काम में मेरा साथ दे रहे हो, आपकी बाहुत बहुत महरबानी
अब लोगों कि जागरूकता को हम एकजुट होकर बढाएंगे |
धन्यवाद

पवन कुमार said...

हरीश जी और शाहनवाज़ जी : आपका धन्यवाद् आप लोगो ने वजह से ही मैंने भी लिखना सुरु किया है.
शुक्रिया

Janak said...

अच्छी कोशिश..... बहुत-बहुत शुभकामनाएँ

Suvendu Panda said...

बहत अच्छा है पवन . कम से कम अभी आपको देश का ख्याल आया.

anuj singhal said...

Well done Pawan. Nice thoughts. Nice writing.

Mamta said...

अच्छी कोशिश..

paras said...

बहुत अच्छी कोशिश..
बहुत-बहुत धन्यवाद

माधवी said...

सही लिखा है पवन. अच्छी कोशिश

Rohit said...

Common wealth kya hota h bhai?

दीपक 'मशाल' said...

सोच रहा था कि पढ़ के सिर्फ बधाई दे के निकल लूँगा.. लेकिन जाने क्यों आजकल सच्चाई ने मेरी जुबां कड़वी कर दी दोस्त, माफ़ करना.. और एक सच्चाई ये भी है कि 'अतिथि देवो भव' की परम्परा के पालन के लिए ही नेपाल और देश के गरीब प्रदेशों से भुखमरी से मर रहे परिवारों की लड़कियों की तस्करी बढ़ गई है.. उन्हें अंग्रेज़ी अंदाज़, बोल-चाल, पहनना-ओढना, रहन-सहन सिखाये जा रहे हैं.. एक लाख गर्भनिरोधक गोलियों का वितरण होगा, लाखों कंडोम बिकेंगे और बांटे जायेंगे.. पता नहीं कौन सा खेल दिखाने आ रहे हैं अतिथि हमारे.. :) कुल मिला के धंधा ज़ोरों पर है... हम सबको बधाई..

Vineet Waldia said...
This comment has been removed by the author.
Vineet Waldia said...

games ke liye abhi sari preparation ho to jane de dost, most of the the work hasen't completed yet, almost 50% work and construction is still remaining, so first tell miss sheela that put stress on preparation of games rather filling her "piggy bank"

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